ललितपुर। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी माह जुलाई को डेंगू रोधी माह के रूप में मनाये जाने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान आम जन-मानस को डेंगू रोग के संबंध में जागरूक किया जाएगा, कार्ययोजना के अनुसार बचाव व नियंत्रण के कार्य किए जाएंगे।
प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि इस माह में बारिश के कारण जगह-जगह पानी का जमाव हो जाता है, इससे डेंगू के लार्वा पनपने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में घर के अंदर व बाहर साफ सफाई आवश्यक है। इस दौरान एहतियाती कदम उठाते हुए नाली एवं कीचड़ वाले स्थानों पर दवा का छिड़काव कराया जा रहा है, साथ ही साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी मुकेश जौहरी ने बताया कि डेंगू मच्छर ठहरे हुए साफ़ पानी में पनपता है और दिन में काटता है। डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ दस विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। इस दौरान लोगों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का इस्तेमाल करने, पानी की बाल्टियों व टंकियों को ढककर रखने, कूलर की नियमित सफाई करने, छत, बरामदों में पड़े पुराने टायरों, खाली डिब्बों में पानी इकट्ठा नहीं होने देने की सलाह दी जा रही है।
डेेंगू के यह हैं लक्षण
लक्षणों में तेज़ बुखार, सिरदर्द, चकत्ते और मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द शामिल है। गंभीर मामलों में रक्तस्राव और सदमे की स्थिति हो सकती है, जो जानलेवा भी सिद्ध हो सकती है। आंखों का पिछला हिस्सा, जोड़, पीठ, पेट, मांसपेशी, हड्डियों आदि में दर्द, ठंड लगना, थकान, बुखार, भूख न लगना, उल्टी या मतली, त्वचा में चकत्ते या लाल धब्बे हो सकते हैं।
