ललितपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कोरियर समय से न पहुंचाने के कारण उपभोक्ता को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 24 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया है। पीड़ित ने आयोग के सामने कोरियर कंपनी के खिलाफ 50 हजार रुपये का परिवाद प्रस्तुत किया था।
थाना कोतवाली अंतर्गत मोहल्ला आजादपुरा निवासी कैप्टन चंद्र मोहन पुत्र कलंदर सिंह ने न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के सामने कोरियर कंपनी के कपिल त्रिपाठी प्रोपराईट/ फ्रेंचाईजी डीटीडीसी एक्सप्रेस लिमिटेड शादीलाल दुबे कांपलेक्स घंटाघर व प्रबंध निदेशक डीटीडीसी एक्सप्रेस परिवाद दायर किया। जिसमें उन्होंने कोरियर कंपनी पर मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक क्षति के लिए 50 हजार रुपये का नोटिस व परिवाद व्यय के एक हजार रुपये का दावा किया।
दायर वाद में उन्होंने बताया कि विगत 28 मई 2022 तक सेवा संबंधी कुछ अभिलेख अपनी तैनाती स्थल महू जिला इंदौर पहुंचाने थे। इसके लिए उन्होंने 26 मई को घंटाघर स्थित कोरियर कंपनी के कार्यालय में संपंर्क किया, घंटाघर कार्यालय में मौजूद प्राेपराइटर कपिल त्रिपाठी ने प्रीमियर सेवा के अंतर्गत लिफाफा 28 मई तक इंदौर पहुंचाने की गारंटी दी। लेकिन 29 मई तक डाक नियत स्थान पर नहीं पहुंची। यह डाक 30 मई को नियत स्थान पर पहुंची। इसके बीच में उनसे कई बार कोरियर कंपनी के स्थानीय स्तर से लेकर अन्य अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन उचित उत्तर नहीं मिला।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सीताराम वर्मा, सदस्य ओम प्रकाश विश्वकर्मा व रफिया खातून ने सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, परिवादी को हुई मानसिक, शारीरिक व आर्थिक क्षति के लिए 20 हजार रुपये, नोटिस व्यय का रुपया एक हजार रुपये, परिवाद व्यय के तीन हजार रुपया के अर्थदण्ड का फैसला सुनाया। 45 दिन के अंदर अगर यह राशि का भुगतान नहीं किया गया। तो 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित धनराशि का भुगतान करने का आदेश दिया है।
