Spread the love


ललितपुर। प्रधानमंत्री ने अप्रैल 2018 को आयुष्मान कार्ड योजना का आगाज किया था। इस योजना के तहत प्रत्येक गरीब परिवार को पांच लाख तक प्रतिवर्ष इलाज मुफ्त मिलना था। जनपद में इस योजना के एक लाख 19 हजार 368 परिवारों के चार लाख नौ हजार पांच सौ 81 सदस्यों को चिह्नित किया गया। इसमें से जनपद में एक लाख 83 हजार कार्ड बनाए गए हैं। इन मरीजों में से सिर्फ 8871 मरीजों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है।

भारत सरकार ने गरीबों के मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड 23 सितंबर 2018 से कार्ड बनाना प्रारंभ हुए, 2011 की जनगणना के आधार पर जो व्यक्ति गरीब रेखा से जीवन यापन करने वाले थे, उन्हें इस सेवा का लाभ दिया गया, इसमें श्रम विभाग में वर्ष 2020 से पहले मजदूर भी शामिल किए गये। जनपद में ऐसे एक लाख 19 हजार 368 परिवारों को चिह्नित किया गया। इन परिवारों के चार लाख नौ हजार 581 सदस्यों के कार्ड बनने थे। वर्तमान में एक लाख 83 हजार 400 सदस्यों के ही कार्ड बने हैं।

इस योजना के अंतर्गत परिवार के प्रत्येक सदस्य का कार्ड बनाना है। हालांकि पांच लाख तक की मुफ्त चिकित्सा सुविधा के लिए पूरे परिवार के लिए है, अगर एक वर्ष में परिवार के एक सदस्य के इलाज में पांच लाख रुपये की धनराशि खर्च हो जाती है। तो अन्य किसी परिवार के सदस्य को उस वित्तीय वर्ष में इस कार्ड के माध्यम से मुफ्त चिकित्सा प्राप्त नहीं होगी। हालांकि अगले वित्तीय वर्ष में वह मुफ्त चिकित्सा का लाभ ले सकता है। जनपद में वर्ष 2018 से अभी तक मात्र 8871 मरीजों ने ही मुफ्त इलाज की सुविधा ली है। इस योजना अंतर्गत 1929 प्रकार की बीमारियों का इलाज कराया जा सकता है।

इन बीमारियों का है इलाज

आयुष्मान भारत योजनांतर्गत मातृ स्वास्थ्य और सी सेक्शन या उच्च जोखिम प्रसव की सुविधा, नवजात और बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी उपचार, कैंसर, टीवी, कीमोथेरपी, रेडिएशन थैरपी, हार्ट बाईपास सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, आंखों की सर्जरी, दिल की बीमारी, किडनी, लीवर, कोरानरी वायपास, घुटना प्रत्यारोपण, स्टंट डालना, आंख, नाक, कान और गले से संबंधित बीमारियों को शामिल किया गया है। लाभार्थी किसी भी संबंद्ध निजी और सरकारी अस्पताल, सहज जनसेवा केंद्र, और कामन सर्विस सेंटर से आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं।

जनपद में इस योजना से 14 चिकित्सा इकाइयों को है जोड़ा

जनपद में पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (बार, बिरधा, मड़ावरा, तालबेहट), जिला महिला चिकित्सालय, जिला पुरुष चिकित्सालय के अलावा निजी चिकित्सालय में जनता चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल, आयुष्मान हॉस्पिटल, एचबीएम हॉस्पिटल, जीवन ज्योति हॉस्पिटल किसरदा महरौनी, श्री दिगंबर जैन भगवान महावीर नेत्र चिकित्सालय, सिद्धि बाहुबली मेमोरियल हॉस्पिटल एवं गुरुनानक देव हॉस्पिटल शामिल किए गये हैं।

जागरूकता के अभाव में मरीज नहीं कर पाते कार्ड उपयोग

जनपद में गंभीर बीमारियों को इलाज नहीं है। गंभीर मरीजों जैसे ह्रदय रोगी, कैंसर रोगी या अन्य बीमारियों के मरीज को गैर जनपद के रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में मरीज के परिवार के लोग आयुष्मान कार्ड उपयोगिता को समझ ही नहीं पाते हैं। जिसके चलते वह मुफ्त इलाज की सुविधा से वंचित रहते हैं।

आयुष्मान भारत योजना में बीमारियों के लिए फिक्स किए गए हैं, सरकारी पैकेज

आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निजी चिकित्सालयों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित सूची के अनुसार ही भुगतान हो पाएगा, यही कारण है कि कई चिकित्सालयों ने इस योजना में शामिल होने से परहेज किया है। तो वहीं जो सरकार द्वारा शामिल किए गए हैं। वह इसका प्रचार प्रसार इसलिए नहीं करते हैं, क्योंकि उन्हें मरीजों से अतिरिक्त धन नहीं मिलेगा, सरकारी मानकों के अनुसार ही भारत सरकार उसका भुगतान करेगी।

इस योजना अंतर्गत 8871 मरीजों ने ही मुफ्त इलाज का लाभ लिया है। इसके लिए व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है। जनपद में गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा नहीं है, साथ ही अशिक्षा के कारण अन्य जनपदों में मरीजों द्वारा इस कार्ड प्रयोग नहीं किया जाता है। – चंद्रमा सिंह, विकास प्रकोष्ठ मैनेजर, आयुष्मान भारत योजना।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *