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चित्रकूट। इस साल बारिश न होने से सूखे जैसे हालत बने हुए हैं। वहीं नहरे न चलने से खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। इससे खरीफ की बुआई का कार्य पिछड़ता जा रहा है। किसान चिंतित है कि सिंचाई विभाग का यही हाल रहा तो किसान खरीफ की फसल की बुआई से वंचित रह जाएंगे।

जिले में बरुआ बांध, रैपुरा बांध, ओहन बांध, रसिन बांध सहित राजापुर क्षेत्र में यमुना नदी से नहरों का संचालन होता है। कुल 113 नहरें जिले मेें जो इस समय नहीं चल रही हंै। कई नहरें गंदगी से पटी पड़ी है। जबकि किसान धान की रोपाई सहित अन्य फसलों की बुआई के कार्य में लगा हुआ। इस साल बारिश न होने से बुआई का कार्य पिछड़ता जा रहा है। किसान शैलेंद्र सिंह, रामेश्वर सिंह व जर्नादन सिंह ने बताया कि शहर बनकट स्थित पयस्वनी नदी से नहर निकली हुई है। जहां से बरवारा, सभापुर, रेहुटां, भंभौर, उसरी पुरवा गांव के किसान खेतों की सिंचाई करते हैं। यह नहर इस समय नहीं चल रही है। इससे धान की रोपाई सहित अन्य फसलों की बुआई नहीं हो पा रही है। सोनेपुर गांव स्थित नहर भी नहीं चल रही है। यह नहर गंदगी से पटी पड़ी है। इस मुद्दे को किसानों ने अधिकारियों के बीच बैठक में भी उठाया गया था। इसके बाद भी नहीं नहीं चलाई गई। राजापुर क्षेत्र के किसान बरद्वारा गांव के रामेश्वर सिंह, भोला सिंह, राकेश यादव, राजेंद्र प्रसाद आदि ने बताया कि चिल्लीमल नहर से बरद्वारा माइनर की नहर हैै। कुछ स्थानों पर नहर की दीवार की मिट्टी कट जाने से नहीं चलाई जा रही है। राजापुर क्षेत्र के किसान लाल बहादुर, सुनील सिंह, महेश प्रसाद ने बताया कि चिल्ली राकस नहर बंद पड़ी है, जबकि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान धान की फसल लगाते हैं। नहर न चलने से रोपाई का कार्य नहीं हो पा रहा है। रैपुरा क्षेत्र के किसान हीरा लाल मिश्र, राजू पांडेय, विमलेश तिवारी ने बताया कि गुंता बांध से निकली नहरें नहीं चल रही है। नहरों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नहरों की सफाई नहीं कराई जा रही हैै।

चित्रकूट। सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता आशुतोष कुमार ने बताया कि खरीफ की सीजन में मात्र एक नहर राजापुर क्षेत्र के चिल्लीमल में पानी छोड़ा जाता है। जो इस समय चल रही है। अन्य नहरे बंद रहती है। बताया कि यह नहरे बांधों से संचालित होती है। जिसमें बरसात का पानी इकट्ठा कर रबी की फसल में पानी छोड़ा जाता है।



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