फोटो – 26 बीएनडीपी7 : पीडीएफ
खबर का असर
यू-डायट पोर्टल से हटाए गए 2690 विद्यार्थियों के नाम
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद दो-दो स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के नामों को लेकर शुरू हुई थी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का नाम सरकारी स्कूल में भी होने के मामले को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है। इस मामले में जांच बैठाने के बाद आनन-फानन में 2690 बच्चों के नाम यू-डायट पोर्टल में दर्ज सूची से हटा दिए गए हैं। विभागीय स्तर पर वेरीफिकेशन कराया जा रहा है।
अमर उजाला ने 19 जुलाई के अंक में समाचार (पढ़ रहे निजी स्कूलों में सुविधाएं ले रहे सरकारी स्कूल की) को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें पूरे चित्रकूट मंडल में 5500 विद्यार्थियों के नाम ऐसे थे, जो दो स्कूलों में दर्ज थे। खबर छपने के बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई।
इस मामले में फौरन जांच शुरू कर दी गई और फिर मंडल में अब 27 सौ के करीब विद्यार्थियों के नाम को सूची से हटा दिया गया है। विभाग के उप निदेशक शिक्षा अरुण कुमार के निर्देश पर चारों जिलों में जांच की गई, बीएसए ने इसमें संकुल शिक्षकों से जांच कराई गई थी। उसके बाद यह कार्रवाई हुई। उप निदेशक ने बताया कि बांदा जिले में 315, महोबा में 1600, हमीरपुर में 175, चित्रकूट में 600 का वेरीफिकेशन हुआ, इनके नाम दो जगह होने पर सूची से हटा दिए गए हैं। अभी जांच जारी है और कोई ऐसी त्रुटि मिलती है तो कार्रवाई होगी।
उन्होंने बताया कि जांच में ज्यादातर ऐसे बच्चे पाए जा रहे हैं जो एक स्कूल से नाम कटवाकर दूसरे स्कूल में पढ़ रहे हैं। इस वजह से उनका नाम दो-दो स्कूलों में दिख रहा है। जो बच्चे अर्से से स्कूल नहीं आ रहे हैं उनका भी घर-घर वेरीफिकेशन कराया जा रहा है, इससे उनके भी निजी स्कूल में पढ़ने को लेकर जानकारी की पुष्टि हो सकेगी।
