ललितपुर। जनपद में जिला पंचायत सीट पर पहली बार अध्यक्ष सीट पर भारतीय जनता पार्टी का उम्मीदवार बैठा है। प्रदेश में भाजपा सरकार होने के कारण माना जा रहा था, जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर कोई उठापटक नहीं होगी। लेकिन विगत दिनों जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ जो नौ सदस्यों ने डीएम को ज्ञापन दिया, उसमें छह सदस्य भाजपा के ही शामिल रहे। इस पूरा घटनाक्रम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष पूरे प्रकरण से अनभिज्ञता जता रहे हैं।
जिला पंचायत के चुनाव में जनपद के 21 वार्डों में भाजपा अपना अध्यक्ष जिताने के लिए पूर्ण बहुमत में नहीं आई थी। इसके बाद भाजपा ने अपना अध्यक्ष बनाने के लिए सभी सदस्यों को न सिर्फ एक जुट किया, बल्कि अपने पार्टी के उम्मीदवार कैलाश निरंजन को निर्विरोध निर्वाचित कराया था। लेकिन अभी दो साल का ही कार्यकाल गुजरा है कि अध्यक्ष के विरोध में नौ सदस्यों ने मोर्चा खोल दिया है। इनमें भाजपा के छह सदस्य शामिल हैं। अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले सदस्यों में आशीष रावत, मनोज कुशवाहा, वीरसिंह, सुरेंद्र, कल्लू व प्रेमबाई शामिल रही। जिला पंचायत के अंदर पार्टी में चल रही, इस अंर्त कलह पर पार्टी पूरी तरह से मौन है, जबकि इन सदस्यों में आशीष रावत पार्टी में पदाधिकारी भी हैं। ऐसे में पार्टी अंर्तकलह सतह पर आ रही है।
सदस्यों ने ज्ञापन देने से पहले कोई चर्चा नहीं की थी, जिला पंचायत सदस्यों से चर्चा की जाएगी। जो भी शिकायतें हैं, आपस में बैठकर दूर कर दी जाएंगी। संगठन में कोई भी विघटन की स्थिति नहीं है। जिला प्रभारी के आते ही बैठक की जाएगी। – राजकुमार जैन, अध्यक्ष भाजपा
