
वाराणसी कोर्ट
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अपर सत्र न्यायाधीश षष्टम अनिल कुमार की अदालत ने वाराणसी के वरुणा विहार कॉलोनी में 18 वर्ष पहले मां और दो बेटों की हत्या के मामले में दो भाइयों को दोषी पाया है। अदालत ने दोनों भाइयों को उम्रकैद और 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। वारदात के मुख्य आरोपी कालीचरन की मुकदमे के विचारण के दौरान मौत हो गई। वहीं, एक अन्य आरोपी के बाल अपचारी होने के कारण उसकी पत्रावली बाल न्यायालय को विचारण के लिए भेज दी गई।
एडीजीसी कैलाश नाथ के मुताबिक सिकरौल निवासी प्रदीप कुमार ने 25 नवंबर 2015 को कैंट थाने में तहरीर दी थी। प्रदीप ने पुलिस को बताया कि उसके पड़ोस में मुन्नी देवी अपने दो बच्चों पंकज उर्फ गुड्डू और संजय के साथ रहती थी। चार-पांच दिन से मकान से बदबू आने के कारण उसने पुलिस को सूचना दी।
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बक्से के ऊपर भिनभिना रही थीं मक्खियां
मकान का दरवाजा खोलकर देखा गया तो एक बड़े बक्से के ऊपर मक्खियां भिनभिना रही थीं। बक्सा खोला गया तो महिला और उसके दोनों बच्चों का शव कंबल से ढका पाया गया। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद विवेचना शुरू की।
