ललितपुर-मड़ावरा। बुंदेलखंड में जुलाई माह में बारिश कम होने से किसान फसल को बचाने के लिए परेशान है। शहर क्षेत्र में कुछ पानी बरसा भी लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 15 दिनों से बारिश न होने से खरीफ की फसल सूख रही है। ऐसे में किसान नलकूप या कुएं से पानी लेकर खेतों में खड़ी फसल की सिंचाई कर रहे हैं। उनका कहना है कि नलकूप चलाकर खेत में पानी देना महंगा पड़ रहा है।
जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में मड़ावरा, महरौनी, तालबेहट और पाली तहसील क्षेत्रों में करीब 15 दिनों से बारिश न होने के कारण उड़द, सोयाबीन, तिल, मूंगफली, मक्का आदि फसलें सूखने लगी हैं। नहरों व नलकूपों के ठप होने से समस्या और ज्यादा गंभीर हो गई है। मौसम की मार से परेशान किसान अब अपनी फसल को बचाने के लिए जुट गया है। तहसील मड़ावरा क्षेत्र के गांव जमुनियां खेरा, हसरा, सोंरई, बम्होरीकलां , मदनपुर, पिपरिया आदि क्षेत्र गांव के किसान पानी के अभाव में इंजन या पानी की मोटर कुआं में डाल कर फसल की सिंचाई कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि बारिश का यही हाल रहा तो फिर नुकसान उठाना पड़ेगा। मालूल हो कि जुलाई माह में औसत बारिश 346 मिमी होना चाहिए लेकिन इस साल 29 जुलाई तक 133 मिमी बारिश ही हो सकी है।
लक्ष्य से तीन गुना बढ़ा धान का रकबा
किसानों ने 386 हेक्टेयर के सापेक्ष 1138 हेक्टेयर में धान की बुवाई की है लेकिन बारिश कम होने से खेत सूखे पड़े हैं, ऐसे में पांच अगस्त तक वह कैसे रोपाई कर सकेंगा, इसको लेकर किसान चिंतित है।
15 दिन से पानी नही गिर रहा है जिस से मक्का और उड़द की फसल सूख रही है। फसल को बचाने के लिए निजी बोर पानी दे रहा हूं, जिस से लागत ज्यादा हो रही फायदा न के बराबर दिखाई दे रहा है। – रणवीर यादव, किसान हसरा
सोयाबीन की फसल बोई थी पानी गिर नहीं रहा है, जिससे फसल सूख रही है, अब बोर से कहा तक खेत में पानी दें खर्चा बहुत आ रहा है। – कुंदन पटेल, सिमिरिया
जमुनियां खेरा निवासी बल्ली कुशवाहा ने बातया की में दो एकड़ में सोयाबीन और एक एकड़ में मुंगफली बोई है लेकिन बारिश न होने से चिंता सता रही है फसल सूख से बचाने के लिए नलकूप से सिंचाई करा रहे हैं।
-बल्ली कुशवाहा, जमुनियां खेरा
जनपद के किसानों ने बुआई कर ली है, जिसके बाद कीटनाशक व खरपतवार नाशक दवाओं का छिड़काव की कर दिया है, ऐसे में बारिश न होने से किसानों की फसलें सूख रही हैं। – लाखन सिंह पटेल, किसान नेता
जुलाई माह में हुई बारिश के आंकड़ों पर एक नजर
वर्ष बारिश (मिमी में)
2020 88
2021 144
2022 197
2023 133 (29 जुलाई तक)
खरीफ की फसल पर एक नजर
लक्ष्य क्षेत्रफल 3,39,328 हेक्टेयर
अब तक हुई बुवाई -2.98784 हेक्टेयर
श्रीअन्न के लक्ष्य के सापेक्ष बोआई (हेक्टेयर में)
फसल लक्ष्य बुबाई(पूर्ति)
धान 386 1138
मक्का 29962 27345
ज्वार 106 307
बाजरा 00 41
अन्य फसलें 88 114
दलहन लक्ष्य के सापेक्ष बोआई (हेक्टेयर में)
उड़द 2,29,986 1,99,632
मूंग 4757 4961
अरहर 12 00
तिलहन लक्ष्य के सापेक्ष बोआई (हेक्टेयर में)
सोयाबीन 43221 40975
तिल 11533 10678
मूंगफली 19295 13593
खरीफ की फसल का क्षेत्रफल 3,39,328 हेक्टेअर
अब तक हुई बुवाई
– 2.98784 हेक्टेअर
जुलाई माह में बारिश कम हुई है लेकिन अभी सूखे जैसे हालात नहीं है यदि अगस्त माह में बारिश न हुई तो सर्वे कराकर औसत बारिश की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। – अंकुर श्रीवास्तव, एडीएम वित्त एवं राजस्व
