ललितपुर। दिगंबर जैन अटा मंदिर में विनम्रसागर महाराज ने पाठशाला के बच्चों को आशीर्वाद देते हुए कहा जीवन में संस्कार ही भविष्य को संवारते हैं। धार्मिक संस्कार जब बच्चों के लिए मिलते हैं, तो वह भविष्य में कभी भी गलत रास्ते पर नहीं जाते। पाठशालाओं को संस्कारों की जननी बताते हुए आचार्यश्री ने अभिभावकों को प्रेरित किया, धार्मिक संस्कारों के लिए वह बच्चों में कोताही नहीं बरतें।
आदिनाथ पाठशाला सिविल लाइन ललितपुर की संचालिका वंदना जैन, अंजलि जैन श्रद्धा आरती दीदी के साथ बच्चों ने आचार्यश्री विनम्र सागर महाराज से आशीर्वाद ग्रहण किया। आचार्यश्री ने भक्तामर शिविर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अच्छे बनिए अच्छे बनने से पहले जीवन में सरलता होनी चाहिए।उन्होंने कहा अच्छे बनने से सरल बनना बेहतर है। भक्तामर के छंदों को उच्चारण के साथ समझाते हुए आचार्यश्री ने भक्तामर की महिमा बताई। इस अवसर पर जैन अटा मंदिर प्रबंधक भगवानदास, मनोज जैन, अक्षय अलया, रामप्रकाश जैन, संतोष जैन, धन्य कुमार जैन एड, विजय जैन, महेंद्र जैन, नरेश, प्रदीप, प्रदीप जैन, अंकुर जैन शानू, अनंत सराफ, चंचल, अमित जैन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहें।
