चित्रकूट। मामूली विवाद में साथी के साथ मिलकर सगे भाई की बेरहमी से हत्या करने वाले छोटे भाई समेत दो को जिला जज ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों आरोपियों को 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। छोटे भाई ने खुद को बचाने के लिए दोस्त के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी दोस्त के पकड़े जाने पर उसके बयान के आधार पर पुलिस ने छोटे भाई को पकड़ा था। तब पूरे मामले का खुलासा हुआ।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्यामसुन्दर मिश्रा ने बताया कि कर्वी कोतवाली क्षेत्र के अन्तर्गत विनायकपुर गांव के निवासी पुष्पेंद्र सिंह ने 6 जून 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उसका बडा भाई हेमराज सिंह गांव के ही रामचन्द्र के साथ 5 जून 2020 की शाम सात बजे के बाद घर से कहीं गया था। दूसरे दिन 6 जून को सबेरे लगभग 9 बजे उसके भाई हेमराज का शव गांव के खेत में पडा हुआ मिला। मृतक के सिर पर काफी चोटें थीं व गहरे घाव थे।
पुष्पेन्द्र सिंह ने अपने भाई की हत्या के लिए रामचन्द्र पर संदेह जाहिर करते हुए हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान इस मामले में उजागर हुआ कि पुष्पेंद्र ने ही रामचंद्र के साथ मिलकर अपने बडे भाई हेमराज की हत्या की है और अपराध छिपाने के उद्देश्य से रामचंद्र पर संदेह जाहिर करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुष्पेंद्र के पास मृतक हेमराज का मोबाइल और खून के छींटे लगा लोवर आदि सामग्री भी बरामद हुई थी। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में पुष्पेंद्र और रामचंद्र को गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। हत्या का कारण घर की संपत्ति बताई गई थी। सोमवार को बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जिला जज विष्णु कुमार शर्मा ने हत्यारोपी पुष्पेंद्र और रामचंद्र को आजीवन कारावास की सजा और 10-10 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।
