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बांदा। जर्जर स्कूल की शिकायत को डीएम ने गंभीरता से लिया है। जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। टीम तीन दिन के अंदर जांच कर आख्या देगी।

बबेरू के निभौर तरसिया डेरा के राजेश कुमार ने डीएम के सीयूजी नंबर पर शिकायत की थी कि प्राथमिक विद्यालय की छत इतनी जर्जर है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। डीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षाधिकारी से आख्या मांगी थी। बीएसए ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों में 19 पैरामीटर्स पर संतृप्तीकरण कराया जा रहा है। इसमें पंचायत निधि एवं राज्य वित्त निधि से छत, दरवाजा व खिड़की की मरम्मत की सुविधा उपलब्ध है।

विद्यालयों की मरम्मत कार्य कराए जाने के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्राचार कर अवगत कराया गया है, लेकिन सचिव और प्रधान ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। भवन जर्जर होने से छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिगत खतरा है। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने मामले की जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। टीम में सदस्य के रूप में डीपीआरओ व बीएसए शामिल होंगे। डीएम ने जांच टीम से मौके का भौतिक सत्यापन कर तीन दिन में आख्या देने व छत के मरम्मत का कार्य कराए जाने के निर्देश दिए है।



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