तिंदवारी। जौहरपुर बिजलीघर में ग्रामीणों की एसडीओ से नोकझोंक हो गई। ग्रामीणों ने बिजलीघर में ही विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दो दिन से बिजली नहीं आने से ग्रामीण परेशान थे, उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार मनमानी और लापरवाही कर बिजली अधिकारी ग्रामीणों को परेशान करते हैं।
जौहरपुर सब स्टेशन से जौहरपुर और बेंदा के आधा सैकड़ा मजरों के अलावा अमलीकौर, माचा, गौरा की लगभग 50 हजार आबादी में विद्युत आपूर्ति होती है। धान और अन्य खरीफ की फसलें भी किसान ट्यूबवेल के माध्यम से बोए हुए हैं। सेमगरा से जौहरपुर को आने वाली लाइन में फॉल्ट आने के कारण रविवार शाम चार बजे आपूर्ति ठप हो गई। सोमवार को विद्युत कर्मियों ने लाइन को दुरुस्त किया, दो घंटे आपूर्ति चलने के बाद फिर खराब हो गई। बारिश के चलते फॉल्ट ठीक न होने पर सोमवार रात को भी आपूर्ति बाधित रही।
इससे नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को जौहरपुर सब स्टेशन पहुंच कर जमकर हंगामा किया और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। शिकायत है कि एसडीओ मनमानी व लापरवाही करते हैं, जिस वजह से ग्रामीणों को परेशान होना पड़ता है। महीने में दस दिन ही बिजली आती है। इस दौरान धर्मवीर सिंह, दिनेश प्रताप सिंह, शिंपू सिंह, रामराज निषाद, प्रकाश सिंह, रणजीत सिंह, विजय करण सिंह, रमेश सिंह, सनोज सिंह, कर्ण सिंह, जेतराज सिंह, शैलेंद्र कुमार सिंह, विजय बहादुर का कहना है कि दो दिन से आपूर्ति ठप होने पर जल्द सप्लाई चालू करने की मांग कर रहे थे, इस दौरान एसडीओ ने गलत व्यवहार किया और जेल भेजने की धमकी दी। इस वजह से ग्रामीणों में रोष बढ़ गया। एसडीओ पीयूष द्विवेदी का कहना है कि सब स्टेशन में कोई प्रदर्शन करेगा तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।
