चित्रकूट। दहेज हत्या के मामले में दोष सिद्ध होने पर त्वरित न्यायालय ने मृतका के पति और सास-ससुर को सात- सात वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को चार चार हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोपाल दास ने बताया कि बांदा जिले के कमासिन थाने के पछौंहा गांव की निवासी पचिनिया देवी ने पांच जुलाई 2020 को राजापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
वादी के अनुसार उसने अपनी बेटी ज्योति की शादी घटना से तीन साल पहले राजापुर थाने के पैकौरा गांव के निवासी नरेंद्र कोटार्य के साथ की थी। शादी मेंदान दहेज देने के बाद भी ज्योति का पति नरेन्द्र, सास सेमिया व ससुर छोटेलाल दहेज में 50 हजार रुपये अतिरिक्त मांग कर रहे थे। साथ ही दहेज के लिए ज्योति को प्रतड़ित करते थे। यह बात ज्योति ने मायके वालों को बताई थी। मायके पक्ष द्वारा दहेज देने से मना करने पर पांच जुलाई 2020 को ज्योति को मिट्टी को तेल छिड़ककर जलाकर मार दिया गया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद त्वरित न्यायालय के अपर जिला जज संजय कुमार ने मृतका के पति नरेंद्र कोरी, सास सेमिया और ससुर छोटेलाल को सात-सात वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक आरोपी को चार हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
