बांदा। मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से कहा कि स्वच्छता, सीवर लाइन, पार्क, जाम की समस्या से निदान, बेहतर सड़क आदि देने वाली स्मार्ट सिटी चाहिए तो भाजपा प्रत्याशियों को जिताएं। कहा भाजपा की डबल इंजन की सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं के हर तरीके के समाधान की गारंटी देती है।
सीएम ने कहा कि 11 मई को आप सभी लोग भाजपा प्रत्याशियों को जिताने के लिए पहले मतदान फिर जलपान करें। उन्होंने भाषण में शहर की सफाई व्यवस्था को सराहा। कहा कि 2017 के पहले बांदा की पहचान गंदगी व कूड़े के ढेर के रूप में होती थी। शहर में महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण करने जब बांदा आया था तो सदर विधायक से कहा था कि यह काफी स्वच्छ है। जनसभा को प्रदेश के जलशक्ति मंत्री रामकेश निषाद, सांसद आरके पटेल, महोबा-हमीरपुर सांसद पुष्पेंद्र चंदेल, भाजपा के कानपुर/बुंदेलखंड परिक्षेत्र के अध्यक्ष प्रकाश पाल, प्रदेश उपाध्यक्ष व प्रभारी बांदा कमलावती सिंह, विधान परिषद सदस्य बाबूलाल तिवारी, सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी समेत अन्य ने भी संबोधित किया। मंच पर नरैनी विधायक ओममणि वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय सिंह, पूर्व सांसद रमेश द्विवेद, पूर्व विधायक राजकरण कबीर, पूर्व विधायक चंद्रपाल कुशवाहा, जिला महामत्री कल्लू सिंह सहित नगर पालिका बांदा की प्रत्याशी मालती बासू, अतर्रा, नरैनी, ओरन, तिंदवारी,मटौघ आदि के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे।
मालती बासू को पैर छूने से किया मना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे ही मंच पर पहुंचे, कुर्सी पर बैठी नगर पालिका बांदा की भाजपा प्रत्याशी मालती बासू पैर छूने के लिए आगे बढ़ी। मुख्यमंत्री ने उनसे पैर नहीं छुवाएं और कहा कि आप कुर्सी में जाकर बैठें। भाषण खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री ने अध्यक्ष पद के सभी प्रत्याशियों को बुलाया और मतदाताओं से इन्हें जिताने की अपील की।
जिला महामंत्री से भिड़ गया दरोगा
मुख्यमंत्री की जनसभा में जाते समय जांच के दौरान एक दरोगा भाजपा जिला महामंत्री कल्लू सिंह राजपूत सहित अन्य कार्यकर्ताओं से भिड़ गया। बोला मैं नहीं जाने दूंगा। मुझे सस्पेंड करा दो। क्या मैंने भाजपा को वोट नहीं दिया। इससे अफरा तफरी मच गई। शोर शराबा सुनकर आए पुलिस के उच्चाधिकारियों ने मामले को शांत कराया और उन्हें अंदर जाने दिया।
पुलिस व्यवस्था पर जताई नाराजगी
सांसद आरके पटेल को कुछ कार्यकर्ताओं ने बताया कि पुलिस जांच के नाम पर कार्यकर्ताओं से अभद्रता कर रही है। इस पर सांसद नाराज हो गए और मौके से बोले एसपी तुम्हारी व्यवस्था मुझे पसंद नहीं आई। पुलिस के कारण कार्यकर्ता पूरे शहर में तितर-वितर हो गए हैं। नेता हमारे आ रहे हैं, हमें भी सुरक्षा की चिंता है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर परेशान कतई न करें।
सीएम की अभेद्य सुरक्षा में यात्रियों को छूटा पसीना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो सके, इसके लिए बांदा से लेकर लखनऊ में बैठे अधिकारियों ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी। हेलीपैड से लेकर महाराणा प्रताप चौराहा और जनसभा सभा स्थल से लगभग एक किलोमीटर का दायरा पूरी तरह सील कर रखा था। हर आने-जाने को रोका-टोका जाता रहा। यही नहीं बम निरोधक दस्ता इन स्थानों के आसपास से गुजरने वाले वाहनों का बारीकी से निरीक्षण करते रहे। कुछ अभिभावक बच्चों को गोद या कंधे में बैठाए चले तो कुछ बच्चे पैदल नजर आए।
काले रंग पर सुरक्षा कर्मियों की टेढ़ी रही नजर
मुख्यमंत्री के भाषण सुनने आई भीड़ पर सुरक्षा कर्मियों की कड़ी नजर रही। खासकर काले रंग के कपड़े पहने लोगों को जनसभा स्थल में लगे पंडाल के अंदर घुसने नहीं दिया गया। इसी तरह जांच के दौरान काले रंग की साफी ओढ़े लोगों के अंगौछे छीन लिए गए। सुरक्षा कर्मियों ने उनकी एक नहीं सुनीं। इसके अलावा मुख्यमंत्री के आने के बाद किसी कोई भी खड़े नहीं होने दिया गया। कोई अपने स्थान पर खड़ा हुआ तो सुरक्षा कर्मियों ने डांटकर उसे बैठा दिया, ताकि कोई अव्यवस्था न हो सके।
