चित्रकूट। दहेज हत्या के मामले में दोष सिद्ध होने पर त्वरित न्यायालय ने सास-ससुर व महिला के पति को 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को आठ हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोपाल दास ने बताया कि वादी मुकदमा रामसनेही पटेल ने 24 मार्च 2018 को कर्वी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी के अनुसार उसने अपनी बहन सुमन देवी की शादी सेमरिया गांव के निवासी लवलेश पटेल के बेटे नीरज के साथ की थी। शादी के बाद से ही उसकी बहन सुमन को दहेज को लेकर ससुर लवलेश पटेल, सास फूला देवी व पति नीरज परेशान करते थे।
दहेज में चार पहिया गाड़ी, पांच लाख रुपये की मांग की जाती थी। सुमन को प्रताड़ित करने के लिए खाना भी नहीं दिया जाता था, जिससे वह कई दिनों तक भूखी रहती थी। इस बात की जानकारी उसकी बहन मायके आने पर देती थी। ससुरालीजनों द्वारा किए जा रहे उत्पीडऩ को लेकर कई बार पंचायत भी हुई थी।
जिसके बाद ससुरालीजन सुमन को लेने आए तो उन लोगों ने भेज दिया। इसके बाद ससुरालीजनों ने उसकी बहन को 23 मार्च 2018 को फांसी लगाकर मार डाला। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद शनिवार को त्वरित न्यायालय के अपर जिला जज संजय कुमार ने मृतका के पति नीरज, सास फूला देवी और ससुर लवलेश को 10-10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई। अर्थदंड की धनराशि में से 50 फीसदी मृतका के भाई रामसनेही पटेल को देने का आदेश दिया गया है।
