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चित्रकूट। ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बसें न चलने से डग्गामार वाहनों की चांदी है। ठसाठस यात्रियों से भरी प्राइवेट बसों से चलने के लिए यहां के निवासी मजबूर हैं। परिवहन निगम ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्राइवेट बसें चलाने के लिए 12 बसें अनुबंधित भी कर ली हैं लेकिन यह ग्रामीण मार्गों में नहीं चल रही हैं। इससे कई गांव रोडवेज की बसों से यात्रा नहीं कर पाते हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में अनुबंधित प्राइवेट बसें चलाने के लिए एक साल से शासन की तरफ से प्रक्रिया चल रही है। जिले के सभी जनप्रतिनिधि चुनाव के समय ग्रामीण मार्गों में बसें चलाने का दावा करते हैं। इसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में बसें नहीं चल रही हैं। ग्रामीणों को डग्गामार बसों का ही सहारा लेना पड़ता है। अनुबंधित की गई प्राइवेट बसें प्रयागराज के लिए जाती है। जिसमें छह बसें झांसी-मिर्जापुर मार्ग से होते हुए बाया मऊ प्रयागराज जाती है, जबकि छह बसें कर्वी-राजापुर होते हुए प्रयागराज के लिए जाती हैं। इस तरह से इन बसों का आवागमन मुख्य मार्ग से ही होता है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र अछूते हैं।

बड़ी मडैय़न के राकेश सिंह, कमलेश द्विवेदी, सुनील पटेल ने बताया कि बसें न चलने के कारण डग्गामार वाहन से चलने को मजबूर हैं। जान जोखिम में डालकर यात्रा करते हैं। कई बार दुर्घटनाएं भी हो गई हंै। आने-जाने के लिए दो से तीन घंटे तक वाहन का इंतजार करना पड़ता है। पहाड़ी क्षेत्र के अरछा बरेठी गांव के अमर यादव ने बताया कि रोडबेज बसें नहीं चलती। इससे समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

चित्रकूट। शहर से देवांगना मार्ग से होते हुए बड़ी मडैय़न मार्ग, पहाड़ी से अरछा बरेठी होते हुए सुरसेन मार्ग, राजापुर से बोड़ी पोखरी, लालता रोड़ से राजापुर मार्ग, मानिकपुर से डभौरा मार्ग, मानिकपुर से मारकुंडी मार्ग प्रमुख रूप से है। जहां पर प्राइवेट बसें नहीं चल रही है।

परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप अग्रवाल ने बताया कि जिन ग्रामीण रूटों में रोडवेज बसें नहीं चल रही हंै। उस रूट पर प्राइवेट अनुबंधित बसें चलाई जाएगी। जिसके लिए सर्वे का कार्य किया जा रहा है। बहुत जल्द इन मार्ग पर बसें चलाई जाएंगी।



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