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चित्रकूट/शिवरामपुर। रबी की फसल की बुआई की शुरुआत होते ही सहकारी समितियों में खाद के लिए मारा मारी मचने लगी है। किसानों की लंबी लाइनें लगी हैं। जहां खाद लेने के लिए किसानों को सुबह से शाम तक इंतजार करना पड़ रहा है। खाद लेने के लिए विवाद भी हो रहे हैं। मंगलवार को शहर के गल्लामंडी के सहकारी समिति में किसानों की लंबी लाइनें लगी रहीं। जहां पर किसानों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खाद उपलब्ध न होने के कारण उनको मजबूरी में आना पड़ रहा है।

रबी फसल की बुआई की शुरूआत होते ही खाद को लेकर मारामारी शुरु हो गई है। किसान घर का काम छोड़कर सुबह से ही खाद लेने के लिए समितियों पर पहुंच जाते हैं। जहां पर किसानों को लंबी लाइन लगानी पड़ती हैं। इसके बाद भी खाद नहीं मिलती। शिवरामपुर क्षेत्र के पहाड़िया गांंव के किसान दिलीप, अनंत कुमार, रामराज्य ने बताया कि शिवरामपुर समिति में खाद नहीं मिली। जिससे वह मजबूरी में शहर की सहकारी समिति में खाद लेने के लिए आए हैं। वहीं खाद बांटने के लिए जिले में 39 सहकारी समितियां खुली हुई हैं। ज्यादातर में खाद उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है।

समितियों व प्राइवेट दुकानों का रेट एक

कृषि विभाग के डीडीओ अंकुर कुमार ने बताया कि यूरिया की बोरी 205 रुपये 66 पैसे की है। इसमें 45 किलो यूरिया रहती है। डीएपी खाद 1350 रुपये की मिलती है। इसमें 50 किलो डीएपी रहती है। बताया कि इसी रेट पर किराना की दुकानों पर भी खाद उपलब्ध है। मंगलवार को उन्होंने राजापुर क्षेत्र व पहाड़ी की समितियों का निरीक्षण किया। जहां पर किसानों को खाद उपलब्ध कराई गई।

खाद की कोई कमी नहीं

जिला कृषि अधिकारी आरपी शुक्ला ने बताया कि खाद की कोई कमी नहीं है। यूरिया डीएपी पर्याप्त मात्रा मेंं उपलब्ध है। खाद सहकारी समितियों में भेजी जा चुकी है। किसानों को जरूरत के हिसाब से खाद दी जा रही है। खाद की कोई कमी नहीं है। पहले ही खाद का इंतजाम कर लिया गया है।



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