अमर उजाला ब्यूरो
मऊरानीपुर। लहचूरा बांध में हजारों मछलियां मरने के बाद पानी में उतराने लगीं। एक साथ बड़ी संख्या में मछलियों के मरने से आसपास दुर्गंध फैल गई। सूचना मिलने पर सिंचाई अफसरों की टीम भी वहां पहुंच गई। सिंचाई अफसरों ने उसके नमूने लिए हैं। आशंका जताई जा रही कि मछली मारने के लिए बांध के भीतर कीटनाशक का छिड़काव कर दिया गया। सिंचाई अफसरों ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
लहचूरा स्थित लहचूरा बांध से मऊरानीपुर, महोबा समेत अन्य स्थानों की सिंचाई होती है। बांध में ही मछली पालन होता है। हर साल लाखों रुपये का ठेका होता है। ग्रामीणों का कहना है कि बांध के निकास वाली जगह पर छोटा जलाशय है। यहां करीब आठ फुट तक पानी भरा रहता है। कुछ दिन पहले बांध के गेट बंद कर दिए गए। यहां पर पिछले दो दिनों से हजारों मरी हुई मछलियां तैर रहीं हैं। इस वजह से आस-पास के इलाके में भारी दुर्गंध फैल गई। सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग के अफसरों की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम सदस्यों ने इसके नमूने लिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि मछली मारने के लिए बांध में कीटनाशक फेंका गया। इस वजह से हजारों मछलियां एक साथ मर गईं। वहीं, एक्सईएन विनय कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। नहर बंद होने की वजह से जलाशय में पानी कम हो गया। प्रथमदृष्टया इसी वजह से मछलियों की मौत की बात समझ में आ रही है।
