बांदा। वन विभाग बांदा की धरती को सब्जबाग (हराभरा) बता रहा है। उसके आंकड़ों में जिले में पिछले तीन सालों के अंदर 48 लाख 68 हजार 746 पौधे लगाए गए हैं। जिले का क्षेत्रफल 4408 वर्ग किलोमीटर है। यानि प्रत्येक वर्ग किलोमीटर में 1104 पौधे लहलहा रहे हैं। तीन वर्षों से पूर्व जो पौधे लगाए जा चुके हैं वो इसके अलावा हैं।
बांदा समेत समूचे बुंदेलखंड में पौधरोपण को लेकर वन विभाग और पौधरोपण कराने वाले अन्य महकमें हमेशा निशाने पर रहे हैं। करोड़ों रुपये घोटाले के आरोप है। हाईकोर्ट, एनजीटी, शासन आदि तक इसकी शिकायतें पहुंची हैं। अभी भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्वयं सेवी आशीष सागर द्वारा दायर याचिका विचाराधीन है।
अब वन विभाग ने पिछले तीन वर्षों में हुए पौधरोपण संबंधी आंकड़े आरटीआई में दिए हैं। यह काफी हैरतनाक है। बांदा के आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप शुक्ल द्वारा मांगी गई सूचना में प्रभागीय वनाधिकारी ने दी जानकारी में बताया कि पिछले तीन वर्षों (वर्ष 2021 से वर्ष 2023) तक जनपद में 48 लाख 68 हजार 746 पौध लगाए गए हैं। इनमें 23 लाख 74 हजार 222 पौधे रोपित किए गए हैं और 24 लाख 94 हजार 524 पौधे बीज से उगाए गए हैं। इससे तो लग रहा है कि जनपद की पूरी धरती पेड़ों से ढक गई है। चौतरफा हरियाली है। दूसरी तरफ वन विभाग के ही आंकड़े हैं कि जनपद में वन क्षेत्र सिर्फ ढाई फीसदी है। जबकि मानक 33 फीसदी का है।
