संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। रक्तदान में आगे होने के बाद भी जिले की ब्लड बैंक में 32 यूनिट रक्त ही बचा है। जबकि, ब्लड बैंक की क्षमता 300 यूनिट की है। स्थिति यह है कि ए नेगेटिव और एबी नेगेटिव ग्रुप की एक भी यूनिट ब्लड बैंक में उपलब्ध नहीं है। ब्लड बैंक में खून की कमी की वजह से अक्सर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ जाता है।
इन दिनों जिले में डेंगू का वायरस सक्रिय है। सरकारी आंकड़ों में डेंगू के 69 मरीज सामने आ चुके हैं। इसके अलावा कई मरीज निजी अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं। पीड़ित मरीजों की प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। साथ ही तमाम मरीजों को हीमोग्लोबिन भी कम पाया जा रहा है। ऐसे में मरीजों को खून की आवश्यकता होती है। इसका असर जिला मेडिकल कॉलेज में स्थित रक्तकोष में भी नजर आने लगा है। यहां स्टॉक में सिर्फ 32 यूनिट ही शेष हैं। इनमें ए निगेटिव और एबी निगेटिव की संख्या शून्य है। जबकि, ए पॉजिटिव की चार यूनिट, बी पॉजिटिव की छह, बी निगेटिव की एक, ओ पॉजिटिव की 17, ओ निगेटिव की एक एबी पॉजिटिव की तीन यूनिट ही शेष हैं। यह स्थिति तब है जब ललितपुर में बड़ी संख्या में रक्तदानी मौजूद हैं और वे समय-समय पर आयोजित होने वाले शिविरों में रक्तदान करते रहते हैं।
वर्तमान में डेंगू व अन्य बीमारियों के कारण रक्त की मांग बढ़ी हुई है। इसकी कमी को पूरा करने के लिए सामाजिक संगठनों से संपर्क किया जा रहा है। – डा. एमएस खान, ब्लड बैंक प्रभारी।
