झांसी। शहर भर में त्योहारों की बधाइयों वाली करीब 250 अवैध होर्डिंग लगी हुई हैं। दूसरी तरफ, नगर निगम द्वारा जिन विज्ञापन स्थलों का टेंडर निकाला गया है, वो करीब 50 फीसदी खाली पड़े हैं। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन अवैध होर्डिंग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है।
झांसी में यूनिपोल, गैंट्री और कैंट्रीलीवर को मिलाकर नगर निगम ने करीब सवा सौ विज्ञापन स्थलों का टेंडर निकाला हुआ है। बताया गया कि यूनिपोल पर एक दिन के लिए होर्डिंग लगाने पर करीब 500 रुपये खर्च आता है। इसी तरह, गैंट्री पर विज्ञापन या होर्डिंग लगाने पर 800 और कैंटीलीवर पर 300 रुपये रोजाना खर्च आता है। बताया गया कि मौजूदा समय में शहर में लगभग 20 यूनिपोल, आठ गैंट्री और 30 कैंटीलीवर खाली हैं। इन पर होर्डिंग लगाने पर पैसा खर्च होने के कारण आम जन से लेकर जनप्रतिनिधि तक होर्डिंग नहीं लगवा रहे हैं। ऐसे में इलाइट, बीकेडी, जीवनशाह, खंडेराव गेट, कचहरी चौराहा, सिंधी तिराहा, पचकुइयां, चित्रा चौराहा, रेलवे स्टेशन के पास, सीपरी बाजार, कच्चा पुल के पास, गोंदू कंपाउंड, मेडिकल कॉलेज समेत शहर में विभिन्न स्थानों पर 250 अवैध होर्डिंग लगी हुई हैं। अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता का कहना है कि जल्द ही अवैध होर्डिंग हटवाई जाएंगी।
होर्डिंग लगाने का नियम
– सड़क पटरी पर कोई भी होर्डिंग नहीं लगाई जाएगी
– जिन होर्डिंग की इजाजत होगी, वह चौराहों से 50 मीटर दूर लगेगी
– नो वेंडिंग जोन में कोई भी होर्डिंग नहीं लगेगी
– एनओसी के बगैर घरों की छतों पर होर्डिंग नहीं लगेगी
