दहशत में हैं रेल कर्मचारी और उनके परिवार के लोग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। चोरी की ताबड़तोड़ वारदातों से रेलवे कालोनी के लोग दहशत में हैं। लेकिन पुलिस फिर भी ध्यान नहीं दे रही है। इस कालोनी में न तो चारदीवारी है और न ही प्रवेश द्वार, यहां तक कि सीसीटीवी कैमरे व स्ट्रीट लाइट तक की व्यवस्था नहीं है। कोई भी इस कॉलोनी में बेरोकटोक आ-जा सकता है। इसी का नतीजा है कि पिछले छह माह के भीतर यहां चोरी की 18 घटनाएं हो चुकी हैं।
रानी लक्ष्मी नगर रेलवे कॉलोनी में रेलवे के लगभग डेढ़ हजार कर्मचारी अपनी परिवार के साथ रहते हैं। लेकिन, इन दिनों यह सभी रेल कर्मचारी और उनके परिवार के लोग दहशत में हैं। स्थिति यह है कि एक घंटे के लिए भी घर खाली छोड़ने पर चोर ताले चटकाकर अंदर रखे माल पर आसानी से हाथ साफ कर देते हैं। दिन दहाड़े हो रहीं चोरी की घटनाओं के लिए रेल कर्मचारी व उनके परिवार के लोग रेल प्रशासन की अनदेखी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। कॉलोनी में झाड़ियां ज्यादा नजर आती हैं और आवास कम। इक्का-दुक्का खंभों पर ही स्ट्रीट लाइट देखने को मिलती हैं, वरना शाम होते ही पूरी कॉलोनी में अंधेरा छा जाता है। सीसीटीवी कैमरों का तो यहां नामोनिशान भी नहीं है। न तो रेल प्रशासन की ओर से सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं और न ही रेल कर्मचारियों की ओर से सुरक्षा की इस व्यवस्था में दिलचस्पी दिखाई है। एक के बाद एक चोरी की घटनाएं सामने आने के बाद भी किसी की नींद नहीं टूटी है।
कॉलोनी की बिलकुल देखरेख नहीं की जा रही है। क्वार्टरों के आसपास झाड़ियां उगी होने की वजह से बारिश के दिनों में घरों में सांप-बिच्छू तक निकल आते हैं। रेलवे अपने कर्मचारियों की सुरक्षा की अनदेखी कर रहा है। – सुमित कुमार
पुलिस चोरियां रोक नहीं पा रही है। ऐसे में अब कॉलोनी के लोग ही खुद दिन में चहल-कदमी करते रहते हैं। पुलिस आती है, परंतु रुकती नहीं है। न किसी से टोकाटाकी करती है। पुलिस कर्मी गाड़ी से फर्राटे भरते हुए आगे निकल जाते हैं। – फूलचंद्र वर्मा
कॉलोनी में सफाई तक नहीं होती। महीने में एक बार भी सफाई कर्मचारी दिख जाएं तो बड़ी बात है। ऐसे में सुरक्षा इंतजामों की क्या उम्मीद कर सकते हैं। किराया पूरा लेने के बाद भी रेलवे कर्मचारियों को व्यवस्थाएं अधूरी दे रहा हैं। – ऊषा
पुलिस तो हर घर के बाहर खड़ी नहीं हो सकती है, परंतु सीसीटीवी की मदद से हर क्वार्टर की निगरानी जरूर की जा सकती है। अब तो दिन में भी डर लगा रहता है। स्थिति यह है कि दिन में भी घर को खाली नहीं छोड़ा जा सकता है। – लक्ष्मी
जुलाई में दिन में घर में चोरी हो गई थी। पांच लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण चले गए थे। पुलिस अब तक चोरों को नहीं पकड़ पाई है। घटना के बाद से एक तरह से खुद को घर में कैद करके रहते हैं। – फूलवती
प्रेमनगर थाने से एक सब इंस्पेक्टर व चार सिपाहियों की रेलवे कॉलोनी में अलग से ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा रेल प्रशासन से भी संपर्क किया गया है। रेल प्रशासन से कंडम आवासों को ध्वस्त करने की बात कही गई है। साथ ही कॉलोनी में बगैर सत्यापन के रह रहे बाहरी लोगों को भी बाहर का रास्ता दिखाने की बात कही गई है। जबकि, पुलिस की ओर से कॉलोनी की निगरानी बढ़ा दी गई है।
– ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, एसपी सिटी
