झांसी में हुई यूपीसीए के निदेशक मंडल और एपेक्स काउंसिल की बैठक
वाराणसी में स्टेडियम के निर्माण में तेजी लाने और गाजियाबाद के स्टेडियम की रुकावट दूर करने पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रविवार को झांसी में हुई उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के निदेशक मंडल और एपेक्स काउंसिल की बैठक में क्रिकेट खेल को और बेहतर करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस दौरान चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए चयन परामर्श कमेटी बनाई गई। जिसमें पूर्व टेस्ट खिलाड़ी गोपाल शर्मा चेयरमैन के साथ यूपीसीए सचिव अरविंद श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव रियायत अली व सुनील जोशी को सदस्य मनोनीत किया गया है।
बैठक में वाराणसी में बनने वाले स्टेडियम के निर्माण में तेजी लाने पर जोर दिया गया। वहीं गाजियाबाद में स्टेडियम में आने वाली रुकावट को दूर करते हुए शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करने के प्रयास पर चर्चा की गई। उत्तर प्रदेश टी-20 लीग में सुधार किए जाने की योजना भी बनाई गई। बैठक में प्रदेश भर के पदाधिकारियों ने अपने सुझाव दिए। उधर, हाल ही में हुए क्रिकेट विश्वकप में उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा किए गए कार्यों पर संतोष व्यक्त किया गया। क्रिकेट संचालन को और बेहतर बनाए जाने की आवश्यकता पर भी विचार किया गया।
एपेक्स काउंसिल की बैठक में उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव अरविंद श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष व पूर्व टेस्ट खिलाड़ी गोपाल शर्मा, पूर्व रणजी कप्तान राहुल सप्रू, पूर्व अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेटर अर्चना मिश्रा, संजीव कुमार सिंह, आनंद पाठक, संजय रस्तोगी, इंदु प्रकाश मिश्रा, फैजल शेरवानी, मोहनलाल अग्रवाल, केएम खान, यूपीसीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकित चटर्जी आदि मौजूद रहे।
इस मौके पर पदाधिकारियों ने झांसी क्रिकेट एसोसिएशन (जेडीसीए) द्वारा पिछले कुछ वर्षों से झांसी में क्रिकेट के सुधार के प्रयास पर खुशी जाहिर की। बैठक में उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व सचिव डॉ. युद्धवीर सिंह, कोषाध्यक्ष प्रेम मनोहर गुप्ता, संयुक्त सचिव रियायत अली, प्रदीप गुप्ता, विजय गुप्ता, जावेद अख्तर, श्याम बाबू, ताहिर हुसैन मौजूद रहे।
यूपीसीए वूमेंस क्रिकेट जीएम को हटाने की मांग
झांसी। एपेक्स काउंसिल की बैठक में उस समय विवाद की स्थिति बन गई जब पूर्व भारतीय महिला खिलाड़ी एवं यूपीसीए एपेक्स की सदस्य अर्चना मिश्रा ने यूपीसीए वूमेंस क्रिकेट की जीएम रीता डे को पद से हटाने की मांग करते हुए पदाधिकारियों को पत्र दिया। इस दौरान मौजूद पदाधिकारियों से विवाद की स्थिति पैदा हो गई। अर्चना मिश्रा ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक ऑडियो में रीता डे ने उनको काफी बुरा- भला कहा है। उधर, पदाधिकारियों ने बताया कि समिति मामले की जांच कर रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं अर्चना मिश्रा ने बताया कि दस दिन के भीतर कार्रवाई करने का समय दिया गया है। तय समय के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर ऑडियो के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। संवाद
