सड़क किनारे स्थित विद्यालयों में छुट्टी व मध्यावकाश के समय छात्रों की सुरक्षा को बना रहता है खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सरकारी विद्यालयों मेें पढ़ने वाले बच्चे विद्यालय अवधि में अपने को सहज और सुरक्षित महसूस करें, इसके लिए सरकार कई स्तर की व्यवस्था कर रखी है। जनपद के 15 माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें बाउंड्रीवाल नहीं हैं। जिस कारण से विद्यालय संचालन के दौरान ही आवारा मवेशी या जानवर आसपास भ्रमण करते रहे हैं। हालांकि माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बाउंड्रीवाल निर्माण की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी हुई है। जिसके जल्द स्वीकृति मिल जाने की उम्मीद है।
जनपद में 39 राजकीय हाईस्कूल/इंटरमीडिएट विद्यालय संचालित है। जिनमें कक्षा छह से 12 तक के करीब 22-23 हजार पंजीकृत छात्र-छात्राएं शिक्षण कार्य करते हैं। विद्यालयों में अध्यनरत छात्र-छात्राएं विद्यालय संचालन अवधि में अपने आप को सहज और सुरक्षित महसूस कर सके। इसके लिए शासन और शिक्षा विभाग द्वारा कई स्तर की व्यवस्थाएं की गई है। लेकिन जिले के करीब पंद्रह माध्यमिक विद्यालय राजकीय हाईस्कूल ऐसे है, जिनमें बाउंड्रीवाल ही नहीं बनी है। जबकि इनमें से कई विद्यालय ऐसे हैं जोकि सड़क किनारे स्थित है। इस कारण से विद्यालय की छुट्टी या मध्यावकाश के समय बाउंड्री विहीन विद्यालय में खेलते छात्रों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। साथ ही आवारा मवेशी व जानवर विद्यालय परिसर में भ्रमण करते रहते हैं। हालांकि माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा इन बाउंड्री विहीन विद्यालयों की बाउंड्री निर्माण सहित ऐसे विद्यालयों की बाउंड्रीवाल जोकि क्षतिग्रस्त है के निर्माण कार्य की 8.65 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी है। जिसके जल्द ही स्वीकृत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इन विद्यालयों में नहीं है बाउंड्रीवाल
राजकीय हाईस्कूल पूराविरधा, राजकीय हाईस्कूल सिमिरिया, राजकीय हाईस्कूल कुम्हैड़ी, राजकीय हाईस्कूल दूधई, राजकीय हाईस्कूल पठा, राजकीय हाईस्कूल बस्त्रावन, राजकीय हाईस्कूल धौरीसागर, राजकीय हाईस्कूल दिदौनिया, राजकीय हाईस्कूल बनौनी, राजकीय हाईस्कूल रमगढ़ा, राजकीय हाईस्कूल वीर, राजकीय हाईस्कूल सतरवांस, राजकीय हाईस्कूल अंधेर, राजकीय हाईस्कूल तेरईफाटक, राजकीय हाईस्कूल नैनवारा शामिल है।
जिले के 15 बाउंड्रीवाल विहीन सहित 27 राजकीय हाईस्कूलों की बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए 8.65 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी गई है। जिसके जल्द ही स्वीकृत होेने की उम्मीद है। स्वीकृति और धनराशि जारी होने के बाद निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
ओमप्रकाश सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
