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बांदा। जनपद निवासी जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक के बेटे आमिर खां ने यूपीएससी में 154वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने कोचिंग नहीं की। घर पर ही रहकर मेहनत से पढ़ाई की। उन्होंने दूसरी बार में यह सफलता हासिल की है। आमिर ने बताया कि सोशल मीडिया का सदुपयोग करके उन्होंने यह सफलता हासिल की है।

परिषदीय स्कूल के प्रधानाध्यापक के बेटे ने यूपीएससी 2022 में अपनी मेधा का प्रदर्शन करते हुए आईएएस में 154वीं रैंक के साथ सफलता हासिल की है। शहर के मोहल्ला जरैली कोठी निवासी रफाकत हुसैन जनपद के विसंडी गांव में जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक हैं। उनके तीन बेटों में सबसे बड़े बेटे आमिर खां ने प्रारंभिक शिक्षा अपने पिता के निर्देशन में बांदा शहर में ही हासिल की।

हाईस्कूल के बाद इंटर और बीटेक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से किया। आमिर को आईएएस में यह सफलता दूसरे प्रयास में मिली। पिछले वर्ष उनका मेन्स में चयन हो गया था। लेकिन इंटरव्यू में सफल नहीं हो पाए थे। आमिर इसके पीछे कोरोना कॉल में पढ़ाई बाधित होना भी बताते हैं। आमिर ने बताया कि उन्होंने शुरू से अंत तक कोचिंग का सहारा नहीं लिया।

अलबत्ता सोशल मीडिया से ऑनलाइन पढ़ाई का कुछ सहारा लिया। आमिर का कहना है कि सोशल मीडिया में उसने अपनी पढ़ाई के अलावा अन्य किसी विषय पर कुछ भी देखा सुना नहीं। आमिर के दो छोटे भाई और चार बहनें हैं। एक छोटा भाई मोहम्मद फैज हाफिज कुरान है। सबसे छोटा भाई उवैस इंटर मीडिएट का छात्र है। आमिर अपनी पढ़ाई के साथ अपने भाई बहनों का भी लगातार मार्गदर्शन कर रहे हैं।

फिलहाल वह दिल्ली में हैं। यहां उनके आवास पर मंगलवार को देर रात मिलने जुलने वालों द्वारा मुबारकबाद देने का तांता लगा रहा। आमिर सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इम्तियाज खां के भतीजे हैं। मूल रूप से इनका परिवार बबेरू कोतवाली क्षेत्र के गौरीखानपुर गांव का रहने वाला है।



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