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चित्रकूट। गंगा दशहरा पर्व में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में स्नान कर पूजा पाठ किया। पंडितों को दान कर भगवान कामतानाथ के दर्शन किए और परिक्रमा लगाई।

मंगलवार को गंगा दशहरा पर्व होने पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामघाट पहुंच गए। जिन्होंने मंदाकिनी नदी में परिवार सहित स्नान किया। इसके बाद पंडितों को फल व अन्य वस्तुओं को दान किया। रामघाट स्थित मत्तगजेंद्र नाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। भगवान कामतानाथ के दर्शन कर परिक्रमा लगाई। इसके बाद तीर्थ क्षेत्र के जानकीकुंड, गुप्त गोदावरी, सती अनुसइया आश्रम व भरतकूप तीर्थ स्थानों का दर्शन किया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए यूपी व एमपी के प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई।

मंदाकिनी महोत्सव समिति ने मंदाकिनी नदी की शोभायात्रा निकाली। महंत दिव्यजीवन दास व रामायणी कुटी के महंत रामहृदय दास व कामदनाथ मंदिर के संत मदनगोपाल दास की मौजूदगी में शोभायात्रा मंदाकिनी घाट से निकाली गई। नदी की विधिवत पूजा की गई। कार्यक्रम आयोजक नंदकिशोर तिवारी ने संत महंतों का विधिवत सम्मान किया। पूजन के बाद प्रसाद वितरण किया गया। गायत्री शक्तिपीठ परिसर में व्यवस्थापक डॉ. रामनारायण त्रिपाठी की मौजूदगी में गंगा दशहरा पर हवन पूजन किया गया। इसके बाद भक्तों को पर्व का महत्व बताया गया।

– मठ मंदिरों में हुए कार्यक्रम

चित्रकूट। धर्मनगरी के मठ मंदिरों मेें गंगा दशहरा पर्व में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसमें गायत्री शक्ति पीठ में हवन पूजन कार्यक्रम हुआ। पीठ के व्यवस्थापक डाॅ.रामनारायण त्रिपाठी ने गंगा दशहरा के महत्व की जानकारी दी। धर्मनगरी के कामदगिरि प्रमुख द्वार में संत मदनगोपालदास, रामघाट के भरतमंदिर में महंत दिव्यजीवनदास के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित हुए।

– आज के ही दिन गंगा का हुआ था उद्गम

चित्रकूट। धर्मनगरी के महंत सीताशरण महराज, महंत दिव्य जीवन दास, संत नवलेश दीक्षित ने बताया कि गंगा दशहरा पर्व इसलिए मनाया जाता है कि ऋषि भागीरथ की तपस्या के कारण इसी दिन गंगा नदी का उद्गम हुआ था। इसी लिए यह पर्व मनाया जाता है ।



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