बांदा। यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों को अब अंकपत्र व प्रमाण पत्रों में अपना नाम, माता-पिता का नाम, जन्म तिथि आदि त्रुटियों को ठीक कराने के लिए प्रयागराज की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस तरह के मामलों के निस्तारण के लिए बोर्ड 12 जून से जनपद स्तर पर शिविर लगेंगे। इस आशय का पत्र विजय किरन आनंद महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजे हैं।
पत्र में बताया कि बोर्ड परीक्षार्थियों की अंक पत्र में त्रुटियों की बड़ी संख्या में शिकायतें मिल रही हैं। इससे परिषद की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगता है। जनमानस में परिषद की छवि धूमिल हो रही है, साथ ही अभिभावकों को त्रुटियों में सुधार के लिए विद्यालय से लेकर परिषद तक की दौड़ लगानी पड़ती है। इससे अभिभावकों का समय व धन खर्च हो रहा है।
आदेश दिए कि ऐसे प्रकरणों की संबंधित अभिलेखों सहित जनपद स्तर पर विद्यालयवार सूची तैयार कराई जाए। बोर्ड 12 जून से जनपद स्तर पर शिविर आयोजित कर प्रकरणों का मौके पर निस्तारण करेगा। शिविर में पुराने प्रकरणों पर भी सुनवाई की जाएगी। पर्याप्त आधार होने पर उनका भी मौके पर निस्तारण किया जाएगा। महानिदेशक ने डीआईओएस को निर्देश दिए हैं कि वह ऐसे प्रकरणों की सूची तैयार कर 10 जून तक परिषद को उपलब्ध करा दें। शिविर के लिए स्थान व तारीख निर्धारित कर लें। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उधर, जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है कि अभी तक उनके पर एक दर्जन ऐसे मामले आए हैं। इतने ही पुराने मामले बोर्ड में लंबित हैं। विद्यालयों से ऐसे प्रकरणों की सूची मंगाई गई है। ताकि उसे बोर्ड को भेजा जा सके।
