
गैंगस्टर संजीव जीवा।
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लखनऊ जिला न्यायालय में पेशी पर आए जिस कुख्यात संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा को गोलियों से भून दिया गया, उसका आतंक केंद्रीय कारागार नैनी में भी रहा। माफिया डॉन बाहुबली मुख्तार का यह शूटर यहां करीब चार साल तक निरुद्ध रहा। इस दौरान अन्य बंदी उसके खौफ में रहे। यही नहीं इससे पहले पूर्वांचल में आपराधिक वारदातें करने के बाद उसने छिपने के लिए कई बार प्रयागराज(तत्कालीन इलाहाबाद) में ठिकाना बनाया और इसमें उसकी मदद माफिया डॉन दिलीप मिश्रा ने की।
जेल सूत्रों के मुताबिक, जीवा 24 अप्रैल 2009 को नैनी जेल लाए जाने से पहले आजमगढ़ जेल में बंद था। वहां अपने आतंक व आपराधिक नेटवर्क के जरिए वह जेल से ही जरायम के धंधे संचालित करने लगा, जिसकी जानकारी पर जिम्मेदारों के हाथ-पांव फूल गए। इसके बाद आनन-फानन में प्रशासनिक आधार पर उसे नैनी जेल स्थानांतरित कर दिया गया था। इस समय तक उसके खिलाफ 20 मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन थे।
