
प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश के 18 रेंज मुख्यालयों में चल रहे साइबर क्राइम थानों में क्रियान्वयन को लेकर डीजीपी मुख्यालय ने अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पूर्व में जारी एसओपी में आंशिक संशोधन किया गया है। इसके तहत आईटी एक्ट की ऐसी विवेचनाएं, जिनमें धोखाधड़ी की धनराशि पांच लाख रुपये या इससे अधिक हो, वह साइबर क्राइम थाने में पंजीकृत अथवा स्थानांतरित की जाएंगी।
निर्देशों में ये भी कहा गया है कि आईटी एक्ट की विवेचनाओं को साइबर क्राइम थानों में स्थानांतरण के लिए जिलों द्वारा सीधे साइबर क्राइम मुख्यालय नहीं भेजा जाए। इसे जोन और रेंज स्तर के माध्यम से साइबर क्राइम मुख्यालय भेजना होगा।
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स्पेशल डीजी/एडीजी साइबर क्राइम के अनुमोदन के बाद ही इसे साइबर क्राइम थानों में स्थानांतरित किया जाएगा। निर्देशों में कहा गया है कि विवेचना स्थानांतरित होने के बाद ही मूल केस डायरी भेजनी होगी।
