ललितपुर/बार। थाना बार के अंतर्गत ग्राम बगलन तिराहे पर सड़क किनारे खड़े डंपर में चढ़ते समय चालक को पीछे से आ रहे दूसरे डंपर ने अपनी चपेट में ले लिया। घटना में दोनों डंपरों के बीच फंसे चालक की मौत हो गई। इससे गुस्साई भीड़ ने सड़क पर जाम कर प्रदर्शन किया और मुआवजा की मांग की। डंपर कंपनी के अधिकारियों ने आक्रोशित भीड़ को मृतक के परिजनों को मुआवजा देने का भरोसा दिया। तब जाकर भीड़ ने डंपरों के बीच फंसे चालक का शव निकालने दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोतवाली तालबेहट के अंतर्गत ग्राम सुनौरी निवासी वीरन (43) पुत्र चतरे अहिरवार पेशे से चालक था। वर्तमान में वह डंपर चला रहा था। शनिवार की सुबह उसने थाना बार के अंतर्गत बगलन तिराहे पर अपना डंपर खड़ा किया हुआ था।
वह पास में स्थित ढाबे पर चाय पीकर लौटा और डंपर का गेट खोलकर उसमें चढ़ने लगा। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार दूसरे डंपर के चालक ने खड़े हुए उस डंपर के पास से सटकर अपना डंपर निकाला। इससे अपने डंपर में चढ़ रहा वीरन बीच में फंस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह देख आसपास के लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने मौके पर प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया।
सूचना पर थाना बार पुलिस पहुंची और भीड़ को समझाने का प्रयास किया। लेकिन, लोग नहीं माने। भीड़ का आक्रोश बढ़ने लगा। मुआवजे की मांग कर रहे गुस्साए लोग डंपरों के बीच फंसे शव को बाहर भी नहीं निकालने दे रहे थे। इस पर थाना बार सहित बानपुर और तालबेहट कोतवाली से पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया।
सीओ तालबेहट ने समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन और प्रदर्शन कर रहे लोग मुआवजा और आरोपी चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। जिसके बाद डंपर चलवाने वाली कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने मृतक के परिजनों को मुआवजा देने का भरोसा दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक पांच भाई और एक बहन में चौथे नंबर का था। उसके तीन पुत्री व एक पुत्र है। मृतक वीरन के भतीजे रविंद्र निवासी ग्राम सुनौरी की तहरीर पर डंपर के अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने डंपर थाना परिसर में रखवा दिया है। थाना बार के प्रभारी निरीक्षक मनोज मिश्रा ने बताया कि डंपर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पावर प्लांट से निकलनी वाली राख फेंकते हैं डंपर
ललितपुर में पावर प्लांट से उत्पादित होने वाली बिजली के लिए कोयले का प्रयोग किया जाता है। इसमें बचने वाली राख के निस्तारण का टेंडर एक कंपनी लिए हुए है। कई डंपर स्वामियों ने कंपनी में अपने-अपने डंपरों को किराए पर लगा रखा है। हादसे के दौरान यह दोनों डंपर भी पावर प्लांट से राख बाहर निकालने के काम में लगे हुए थे।
