पीड़ित की समस्या को पुलिस नहीं बल्कि थाने में बैठकर सत्ताधारी ठेकेदार सुनते फरियाद, नही मिलता न्याय….
झाँसी में खाकी पर हैरान कर देने वाला एक मामला सामने आया हैं। जहां थाने को पुलिस के अफसर नहीं बल्कि सत्ताधारी ठेकेदार द्वारा चलाने का एक पीड़ित ने गंभीर आरोप लगाया है। जब पीड़ित अपनी समस्या के साथ न्याय की आस लेकर थाने में पहुंचता है, तो उसे लगता है कि पुलिस उसके साथ व्यवहार कुशल लहजे में बात कर उसे न्याय दिलाएगी, लेकिन उत्तर प्रदेश के झाँसी में पुलिस की जगह अब सत्ताधारी थाना चला रहे हैं। ऐसे आरोप युवक ने पुलिस और सत्ताधारी ठेकेदार पर लगाए हैं।
आपको बता दे कि झाँसी जनपद के समथर थाना क्षेत्र में मोठ निवासी राजेश कुमार गौतम ने लिखित शिकायती पत्र थाना पुलिस को देते हुए बताया कि सोमवार की रात्रि लगभग 11 बजे वह एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए मोठ से समथर गया था। उसी दौरान उसके रिश्तेदार की गाड़ी की टक्कर किसी बाइक सवार से हो गई। वही इस मामले में पुलिस ने उसके रिश्तेदारों को थाने में बैठा लिया। जिसके बाद इसकी सूचना उसे मिलती है वह थाने पहुंचता है, और पूछता है कि एसएचओ साहब कहां है, तो नगर का ही एक सत्ताधारी ठेकेदार कहता है कि मैं यहां का थानेदार हूं, बताओ क्यों आए हो, युवक अपनी समस्या को उसके सामने रखता है। जिसके बाद सत्ता की हनक दिखाते हुए ठेकेदार गाली गलौज करते हुए युवक को थाने से बाहर निकाल देते है। जिसके बाद युवक ने बताया कि जातिसूचक गालियां देते हुए उसे थाने से भगाने लगता है। वहीं पर मौजूद एक कॉन्स्टेबल उसका मोबाइल फोन छीन उसके साथ मारपीट कर देता है, और उसे थाने से भगा दिया जाता है। ऐसे आरोप युवक ने झाँसी की समथर पुलिस पर लगाएं है।
जब इस पूरे मामले में मोठ पुलिस क्षेत्राधिकारी लक्ष्मीकांत गौतम से जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने मामले पर कोई भी जानकारी देने से साफ इंकार कर दिया। वहीं जांच का राग अलापने लगे। अब ऐसे में सवाल यह है कि मामले पर पुलिस के आला अधिकारी कुछ भी बोलना नहीं चाहते हैं। तो दूसरी तरफ पीड़ित को न्याय कैसे मिलेगा।
