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टेढ़े मेढ़े दांतों की समस्या से जूझने वाले लोगों के इलाज में ऑर्थोडॉन्टिक वायर उपयोगी साबित होंगे। बीएचयू में तैयार ब्रेसेस में लगे तारों से बिना दर्द दांतों को ठीक किया जा सकेगा। इससे चेहरे की सुंदरता और मुस्कुराहट भी लौट आएगी। दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय और आईआईटी बीएचयू के विशेषज्ञों ने ऑर्थोडॉन्टिक वायर को नैनो मैटेरियल कोटिंग से तैयार किया है। इस पेटेंट को सरकार से अनुमति मिल गई है।
बीएचयू दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय की ऑर्थोडॉन्टिक्स शाखा डेंटिस्ट्री की सुपर स्पेशियलिटी है। यहां टेढ़े-मेढ़े अनियमित दांत, जबड़े और चेहरे को ठीक किया जाता है। बीएचयू से प्रो. टीपी चतुर्वेदी और आईआईटी बीएचयू के मैटेरियल विभाग के डॉ. चंदन उपाध्याय ने दांत पर लगने वाले इस तार को बनाया है।
प्रो. चतुर्वेदी ने बताया है कि अंतरविषयक शोध में यह सबसे बड़ी उपलब्धि है। दो अप्रैल 2019 को पेटेंट के लिए आवेदन किया गया। सरकार ने 9 जून 2023 को अनुमति प्रदान की, जिसका सर्टिफिकेट भी आ गया है। इस आविष्कार को भारत सरकार के पेटेंट ऑफिस ने सफल माना है। इसे 20 साल के लिए पेटेंट किया है।
