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संवाद न्यूज एजेंसी

ललितपुर। पशु निर्यात बिल को लेकर शनिवार को शहर के जैन समाज ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में भी शामिल थीं। इस दौरान बिल को वापस लेने के लिए सीओ सदर को एक ज्ञापन भी दिया गया। शनिवार को जैन समाज के 100 से अधिक महिलाएं व पुरुष शहर के घंटाघर मैदान पर एकत्रित हुए और सरकार के पशु निर्यात संबंधी बिल को वापस लेने को लेकर नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन होने की सूचना मिलने पर वहां पर कोतवाली से पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने जियो और जीने दो सिद्धांत के बारे में बताया। यह भी कहा कि गाय को गोमाता मानते हैं और आज उसी का निर्यात भारत में होने जा रहा है। इसके बाद प्रदर्शन कारियों ने क्षेत्राधिकारी सदर को एक ज्ञापन दिया। जिसमें इस अध्यादेश को वापस लेने की मांग की गई। इस दौरान मनमोहन जड़िया, अक्षय अलया, अजय जैन अज्जू, अजय जैन, रिक्की, अनिल जैन सहित कई लोग मौजूद रहे। वहीं मड़ावरा में गो माता कहे पुकार, बंद करो जीवित पशुओं का निर्यात के नारे लगाते हुए बच्चों ने शनिवार को नगर में जुलूस निकाला। बच्चों ने भारत देश से जीवित पशुओं के निर्यात के अध्यादेश को निरस्त करने की मांग की। साथ में इस अध्यादेश को भारतीय संस्कृति पर कलंक बताते हुए ऐसे अध्यादेश को वापस लेने की बात कही।

इन्होंने भी जताया विरोध

संसद में प्रस्तुत किए जाने वाले पशुधन आयात-निर्यात विधेयक 2023 के विरोध में तीर्थक्षेत्र कमेटी उत्तर प्रदेश, प्रागैतिहासिक तीर्थक्षेत्र नवागढ़, अतिशय क्षेत्र गिरार, अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन शास्त्री परिषद, अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन विद्वत परिषद, जैन मिलन, जैन महासभा, शिक्षक सामाजिक समूह, स्नातक परिषद, प्रभावना जनकल्याण परिषद, युवा संगठन संस्थाओं के लोगों ने ई-मेल भेजकर अपना विरोध जताया।



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