बांदा। तपिश और अत्यधिक लोड की दोहरी मार झेल रहे बिजली विभाग के ट्रांसफार्मर आए दिन आग का गोला बन रहे हैं। 49 दिनों में चित्रकूटधाम मंडल में छोटे-बड़े 647 ट्रांसफार्मर आग की भेंट चढ़ गए। रावर कॉरपोरेशन को करीब 60 लाख रुपये की चपत लगी है।
चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-बड़े करीब एक लाख ट्रांसफार्मर लगे हैं। ओवरलोड और गर्मी की तपिश से हर रोज 50 से अधिक ट्रांसफार्मर आग की भेंट चढ़ रहे हैं। कई ऐसे भी ट्रांसफार्मर हैं, जो दो से तीन बार आग का गोला बने हैं। ऐसे में बिजली की कटौती होने से आम लोगों को खासी दिक्कतें हो रही हैं। शहरी क्षेत्र में तो विभाग एक-दो दिन में ट्रांसफार्मर बदल देता है, लेकिन गांवों का बुराहाल है। यहां कई-कई सप्ताह ट्रांसफार्मर नहीं बदला जाता है।
मुख्य अभियंता अनिल कपूर का कहना है कि ओवरलोड और तपिश से ट्रांसफार्मर ज्यादा जल रहे हैं। कई ट्रांसफार्मर ऐसे जले हैं कि वह रिपेयरिंग लायक भी नहीं बचे। हालांकि गर्मी को देखते हुए मंडल चित्रकूटधाम में 34 ट्रॉली ट्रांसफार्मर स्पेयर में रखे गए हैं। ट्रांसफार्मर जलने की सूचना पर तत्काल वहां ट्रॉली ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली चालू कर दी जाती है। 72 घंटे के अंदर दूसरा ट्रांसफार्मर लगा दिया जाता है।
