बांदा। स्वच्छता मिशन के तहत अब गांवों में भी घरों से सीधे कचरा इकट्ठा किया जा रहा है। इसके लिए शहरों की भांति ग्राम पंचायतों में भी डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू हुआ है। मंडल में बांदा जिले में पहली बार यह व्यवस्था की गई है, शुक्रवार से घर-घर पहुंचकर कूड़ा गाड़ी में कचरा लेना शुरू कर दिया गया। इसके लिए प्रति घर अधिकतम एक रुपये शुल्क देना होगा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की महिलाओं द्वारा भी इस व्यवस्था में सहयोग किया जाएगा।
पिछले वित्तीय वर्ष में 70 ग्राम पंचायतों को मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए चयनित किया गया था। अब इन्हीं ग्राम पंचायतों को शहरों की तर्ज पर स्वच्छ बनाने के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्र कर निस्तारण की कार्ययोजना तैयार की गई है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक विकास खंड की एक ग्राम पंचायत यानि आठ ग्राम पंचायतों में यह व्यवस्था दी गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी अजय आनंद सरोज ने बताया कि माॅडल ग्राम पंचायतों के पास पहले से ही कूड़ा गड्ढा, कुड़ा गाड़ी, ई-रिक्शा, प्लास्टिक बैंक आदि हैं। डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्र नहीं किया जा रहा था और न ही कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था थी। अब पायलट प्रोजेक्ट के तहत यहां पर ई-रिक्शा के जरिए सफाई कर्मचारी घर-घर जाकर गीला व सूखा कचरा एकत्र करेंगे। बाद में अपशिष्ट प्रबंधक केंद्र पर एनआरएलएम की महिलाएं कचरे से प्लास्टिक व खाद युक्त कचरे को अलग करेंगी। ब्लाक पर प्लास्टिक निस्तारण यूनिट स्थापित की गई है। यहां पर प्लास्टिक को टुकड़े-टुकड़े कर जमा किया जाएगा।
सड़क बनाने में उपयोग होगा कचरा
-प्लास्टिक कचरे का इस्तेमाल सड़क बनाने में किया जाएगा। इसको लेकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से भी सामंजस्य बनाया जा रहा है। प्लास्टिक खरीद होगी और फिर इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इन गांवों में डोर-टू-डोर कूडा कलेक्शन शुरू
ब्लाक महुआ की ग्राम पंचायत गिरवां, बड़ोखर की महोखर, नरैनी में तुर्रा, बिसंडा में पुनाहुर, बबेरू में अलिहा, कमासिन में मऊ, तिंदवारी में मुंगुस, जसपुरा में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू कर दिया गया है।
