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बांदा। कुदरत की बेरूखी से एक बार फिर बुंदेलखंड में सूखे जैसे हालात दिख रहे हैं। मानसून सीजन करीब आधा गुजर चुका है, लेकिन बरखा रानी अभी रूठी हैं। जुलाई का महीना रुखसत होने को है, लेकिन चित्रकूटधाम मंडल में औसत बारिश (1151 मिली मीटर) का महज 39 फीसदी (455 मिमी) पानी बरसा है। कम बारिश से धान की रोपाई पिछड़ गई। दलहन और तिलहन की फसलों पर संकट के बाद मंडराने लगे है।

मानसून की नाराजगी से किसानों के चेहरों पर परेशानी दिखने लगी हैं। धान व दलहन की पीली पड़ती फसलों को देख किसानों के चेहरे भी पीले पड़ने लगे हैं। यदि सप्ताह भर में बारिश नहीं हुई तो खरीफ की फसल सूख जाएगी। किसानों को एक बार फिर सूखे जैसी स्थिति से जूझना होगा। मौसम वैज्ञानिक भी जुलाई में कम बारिश चिंता का विषय बता रहे हैं।

बारिश न हुई तो खरीफ ही नहीं रबी से भी किसानों को हाथ धोना पड़ेगा। कृषि विभाग के अधिकारी भी सूखे की आहट को मान रहे है। उनका कहना है कि खरीफ की फसल सूर्य की तेज तपिस में झुलस रही है। 25 फीसदी किसान धान की बेड़ ही नहीं लगा पा रहे है। एक सप्ताह बारिश न हुई तो बुंदेलखंड सूखा क्षेत्र घोषित हो जाएगा।

30 हजार हेक्टेयर खेत खाली

चित्रकूटधाम मंडल में धान की रोपाई के लिए करीब 20 हजार हेक्टेयर व दलहन व तिलहन की बुआई के लिए 30 हजार हेक्टेयर खेत खाली पड़े हैं। इसी प्रकार बांदा में धान की रोपाई का लक्ष्य 47791 हेक्टेयर रखा गया है। इसके सापेक्ष 26285 हेक्टेयर में पूर्ति हुई है। चित्रकूट में धान की रोपाई का लक्ष्य 4909 रखा गया है। इसके सापेक्ष पूर्ति 6706 हेक्टेयर रखी गई है। हमीरपुर और महोबा में धान का उत्पादन बहुत ही कम होता है। मंडल के चारों जिलों में दलहन व तिलहन में आच्छादन का लक्ष्य 4 लाख 27 हजार 408 हेक्टेयर रखा गया था। इसके सापेक्ष 3 लाख 97 हजार 487 हेक्टेयर बुआई हुई है।

इनसेट…

जनपद होनी चाहिए हुई बारिश फीसदी में

हमीरपुर 275.80 188.00 68.17

महोबा 275.80 93.07 33.74

बांदा 300.00 72.80 24.27

चित्रकूट 300.00 101.50 33.83

योग 287.901 113.84 39.54

कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक दिनेश साहा का कहना है कि जुलाई में कम बारिश चिंता का विषय है। एक सप्ताह बारिश न हुई तो खरीफ की फसल पर संकट आ जाएगा। सूखा पड़ने की आशंका बढ़ जाएगी।



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